आत्मा की एकाग्रता के लिए संगीत जरूरी : सत्येन्द्र नाथकुमारसैन, 28 जुलाई
तहसील मुख्यालय कुमारसैन में तकशीला संगीत अकादमी का शुभारंभ कौलान्तक पीठ के पाठाधीश्वर महायोगी सत्येन्द्र नाथ द्वारा किया गया। गौतम सदन कुमारसैन में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर महायोगी सत्येन्द्र नाथ ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन के साथ किया। इस अवसर पर उन्होने कहा कि आत्मा, मन की एकाग्रता के लिए संगीत का होना जरूरी है। जबकि संगीत द्वारा ही ब्रहमांड चल रहा है व आत्मा एवं परमात्मा के बीच संगीत का विचित्र संबंध है। उन्होने इस अवसर पर कार्यक्रम में मौजूद प्रशिक्षुओं व अन्य लोगों से योग से जुडऩे का आहवान भी किया। साथ ही योग से होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में तकशीला संगीत अकादमी के निदेशक सुनील कुमार ने संगीत अकादमी के बारे में संक्षिप्त जानकारी देते हुए अकादमी की भविष्य की योजनाओं के बारे में भी बताया। उन्होने कहा कि अकादमी वर्तमान में इलाहाबाद घराने के विषय में संगीत व नृत्य की बारिकियों जिनमें गायन, वाद्यन एवं नृत्य कलाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें प्रशिक्षुओं को शास्त्रीय, पाश्चात्य एवं पारंपरिक लोग संगीत सिखाया जा रहा है। उन्होने बताया कि अकादमी में चार प्रशिक्षक कार्य कर रहे है जो अपनी कला में निपुण है। इससे पूर्व कार्यक्रम में पहुंचने पर मुख्यतिथि महायोगी सत्येन्द्र नाथ को अकादमी के सचिव हरीश ठाकुर द्वारा स्मृति चिन्ह व टोपी भेंट कर उनका स्वागत किया किया। तकशीला संगीत अकादमी के शुभारंभ अवसर पर अकादमी के प्रशिक्षक जिया नगी, अंशुल शर्मा, व्यापारमंडल के वरिष्ठ व्यापारी पूर्णचंद गुप्ता, जगमोहन वर्मा, पंचायत सदस्य करूणा शर्मा व कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
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