कुमारसैन: प्रदेश किसान सभा और सेब उत्पादक संघ के आवाहन पर रविवार को विश्राम गृह थानाधार मे सेब उत्पादक संघ के राज्य अध्यक्ष राकेश सिंघा की अध्यक्षता मे बैठक की गयी किसानों की कब्जे वाली जमीन से बेदखली, पानी बिजली के कनेक्शन काटने को लेकर हिमाचल किसान सभा ने किसान के साथ बैठक आयोजित की । इस बैठक में सैंकड़ो किसानो ने भाग लिया । बैठक को संबोधित करते हुए संघ के अध्यक्ष राकेश सिंघा ने बताया कि किसानों की कब्जे वाली जमीन से बेदखली बिल्कुल ठीक नहीं है। इस बेदखली के कारण गांव के गरीब लोगों में दहशत बना हुआ है। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि 5 अगस्त को नारकंडा में क्षेत्र के बागवानों द्वारा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा उन्होंने क्षेत्र के बागवानों से अपील की है कि वह अधिक संख्या में 5 अगस्त को नारकंडा पहुंचे ताकि सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद हो सके उन्होंने कहा कि सरकार को समय रहते किसानों का पक्ष लेना चाहिए। जबकि अभी तक गरीब किसानों के पेड़ काटे जा रहे है। जबकि बड़े बड़े लोगों पर अभी भी कार्रवाई नहीं कर रही है। प्रदेश सरकार के अंदर एक तरफ सरकार सेब के पेड़ कटाने को गलत ठहरा रही है। वहीं गांव स्तर पर सरकार के प्रशासन की कार्रवाई अभी भी रुकी नहीं है। अभी भी किसानों की बेदखली का अभियान प्रशासन विभागों द्वारा जगह जगह चलाया जा रहा है। वहीं उन्होंने बताया कि सरकार की गलत नीतियों के चलते जब 2002 में भाजपा सता में थी तो जमीन 5 बीघा देने की बात कही थी। बैठक मे सरकार से अनुरोध किया गया की सरकार 1980 से पहले की नीति के अंतर्गत भूमि को नियमित किया जाए मौजूद लोगे को संबोधित करते हुए राकेश सिंघा ने कहा कि सरकार गरीब ,सीमांत , भूमिहीन किसानो के कब्जे मे 5 बीघा तक की भूमि को मुफ्त मे उनके नाम लीज पर दे और वन भूमि पर मैजूद पेडो को काटना बंद करेथानाधार मे प्रदेश किसान सभा की बैठक आयोजित
कुमारसैन: प्रदेश किसान सभा और सेब उत्पादक संघ के आवाहन पर रविवार को विश्राम गृह थानाधार मे सेब उत्पादक संघ के राज्य अध्यक्ष राकेश सिंघा की अध्यक्षता मे बैठक की गयी किसानों की कब्जे वाली जमीन से बेदखली, पानी बिजली के कनेक्शन काटने को लेकर हिमाचल किसान सभा ने किसान के साथ बैठक आयोजित की । इस बैठक में सैंकड़ो किसानो ने भाग लिया । बैठक को संबोधित करते हुए संघ के अध्यक्ष राकेश सिंघा ने बताया कि किसानों की कब्जे वाली जमीन से बेदखली बिल्कुल ठीक नहीं है। इस बेदखली के कारण गांव के गरीब लोगों में दहशत बना हुआ है। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि 5 अगस्त को नारकंडा में क्षेत्र के बागवानों द्वारा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा उन्होंने क्षेत्र के बागवानों से अपील की है कि वह अधिक संख्या में 5 अगस्त को नारकंडा पहुंचे ताकि सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद हो सके उन्होंने कहा कि सरकार को समय रहते किसानों का पक्ष लेना चाहिए। जबकि अभी तक गरीब किसानों के पेड़ काटे जा रहे है। जबकि बड़े बड़े लोगों पर अभी भी कार्रवाई नहीं कर रही है। प्रदेश सरकार के अंदर एक तरफ सरकार सेब के पेड़ कटाने को गलत ठहरा रही है। वहीं गांव स्तर पर सरकार के प्रशासन की कार्रवाई अभी भी रुकी नहीं है। अभी भी किसानों की बेदखली का अभियान प्रशासन विभागों द्वारा जगह जगह चलाया जा रहा है। वहीं उन्होंने बताया कि सरकार की गलत नीतियों के चलते जब 2002 में भाजपा सता में थी तो जमीन 5 बीघा देने की बात कही थी। बैठक मे सरकार से अनुरोध किया गया की सरकार 1980 से पहले की नीति के अंतर्गत भूमि को नियमित किया जाए मौजूद लोगे को संबोधित करते हुए राकेश सिंघा ने कहा कि सरकार गरीब ,सीमांत , भूमिहीन किसानो के कब्जे मे 5 बीघा तक की भूमि को मुफ्त मे उनके नाम लीज पर दे और वन भूमि पर मैजूद पेडो को काटना बंद करे
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