किसान बागवान विरोधी है कांग्रेस सरकार।
कुमारसैन, 22 जुलाई
हाई कोर्ट के आदेशानुसार इन दिनों प्रदेश भर के विभिन्न स्थानों पर अवैध कब्जों पर कार्यवाही का दौर जारी है। ऐसे में हर ओर से विरोध के स्वर भी उठने लगे है। बुधवार को भाजपा के संगठनात्मक जिला महासू के अध्यक्ष अमींचद वर्मा ने कुमारसैन में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि छोटे किसानों व बागवानों को अवैध कब्जों में छूट देकर दस बीघा तक भूमि को नियमित किया जाना चाहिए। उन्होने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकार किसाना बागवान विरोधी है। साथ ही उन्होने अवैध कब्जों को एकतरफा कार्यवाही करार देते हुए पहले बड़े कब्जाधारियों पर कार्यवाही करने की मांग भी रखी। अमीचंद वर्मा ने कहा कि जिन लोगों द्वारा सरकारी भूमि पर मकान बनाए है उनको जल्दबाजी में तोडऩा सही नहीं है ऐसे में लोगों को कुछ समय दिया जाना चाहिए व बिना नोटिस के उनके बिजली पानी कनेकशन काटना उचित नहीं है। उन्होने कहा कि छोटे किसानों व बागवानों को दस बीघा तक भूमि नियमित की जानी चाहिए व भूमि का किसानों से मुवावजा लिया जाए। और इससे अधिक भूमि कबजाधारियों पर कार्यवाही की जानी चाहिए। अमीचंद वर्मा ने कहा कि वर्ष 2002 में प्रो. प्रेमकुमार धूमल के कार्यकाल में राजन सुषांत राजस्व मंत्री थे तब भाजपा ने छाटे किसानों व बागवानों को 20 बीघा तक भूमि नियमित करने की बात कही थी। लेकिन इस मामले का श्रेय भाजपा न ले सके इस कारण कुछ लोगों ने उस समय इस मामले पर स्टे ले लिया था। अमीचंद वर्मा ने कहा कि वे कोर्ट का आदर करते हैं और साथ ही माननीय न्यायालय से मांग रखते हैं कि छोटे किसानों बागवानों को दस बीघा तक भूमि नियमित करे ताकि कोई बेघर न हो व जिन लोगों ने बड़े स्तर पर अतिक्रमण किया है उन पर कार्यवाही की जानी चाहिए। प्रैस वार्ता के दौरान महासू जिलाध्यक्ष के साथ, दी कुमारसैन तहसील कॉपरेटिव सोसाईटी के अध्यक्ष संजय शर्मा, कुमारसैन पंचायत के पूर्व उपप्रधान सुमंत गौतम, शक्ति केन्द्र कुमारसैन के अध्यक्ष बीरबलनाथ वर्मा, श्यामलाल, हरिप्रकाश वर्मा, सुरेन्द्र देहलू, भूपेन्द्र कैंथला, रणवीर पालसरा व कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
No comments: